गढ़वाल, दिसम्बर 2 -- उत्तराखंड के गढ़वाल में बाघ-गुलदार और भालुओं से बचने के लिए अब बच्चे रोजाना नगाड़े और थाली बजाते हुए स्कूल जाने को मजबूर हैं। बंदरों से बचने के लिए पटाखे फोड़े जा रहे हैं। कई जगह तो बंदरों के डर से बच्चों ने टिफिन तक ले जाने छोड़ दिए हैं। पौड़ी जिले के कल्जीखाल ब्लॉक के डांगी गांव में तीन बच्चों को रास्ते में भालू दो शावकों संग दिखा। जिससे बच्चे दहशत में हैं। बच्चे ड्रम, थाली बजा स्कूल जाने लगे हैं। यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में भालुओं का इतना आतंक, अनिल बलूनी ने दिल्ली में सरकार से मांगी मददमहिलाओं में भी डर, वन विभाग ने पहुंचाया चारा पौड़ी के डोभालझ्रढांडरी में गुलदार की सक्रियता के कारण महिलाएं घास लेने जंगल नहीं जा पा रहीं। ऐसे में गढ़वाल वन प्रभाग ने पशुओं के लिए चारा वितरण शुरू किया है। डीएफओ अभिमन्यु सिंह ने बताया, महिल...
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