नई दिल्ली, सितम्बर 23 -- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अत्याचार से प्रभावित हर व्यक्ति को समय पर न्याय, सुरक्षा, सम्मान और उसका अधिकार मिलना चाहिए।लंबित मामलों पर फोकस मुख्यमंत्री ने वर्ष 2024 से अब तक अधिनियम के तहत दर्ज उन मामलों की समीक्षा के निर्देश दिए, जिनमें विवेचना लंबित है। उन्होंने लंबित रहने के कारणों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। लंबे समय से लंबित और गंभीर मामलों में पुलिस, प्रशासन तथा अभियोजन विभाग को मिलकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। विशेष न्यायालयों में विचाराधीन मामलों की भी नियमित समीक्षा करने को कहा गया। धामी ने जरूरत के अनुस...