रिषिकेष, अप्रैल 20 -- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को स्वर्गाश्रम गंगातट पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड नेगेटिव नैरेटिव की नहीं, नटराज की धरती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि देवताओं, ऋषियों, तपस्वियों और दिव्य चेतना की भूमि है। यह वह पावन धरा है जहां हिमालय की गोद में ऋषियों ने तप किया, जहां मां गंगा का अवतरण हुआ, जहां प्रत्येक कण में आध्यात्मिकता, संस्कृति और सनातन जीवन मूल्यों की सुगंध विद्यमान है। योगनगरी में गोविंददेव गिरि महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित हो रही श्रीमद्भागवत कथा में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह प्रदेश विश्व को केवल प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन ही नहीं देता, बल्कि योग, अध्यात्म, शांति, साधना, संस्कृति और जीवन जीने की शैली प्रदान करता है। यह भी...