हरिद्वार, मार्च 28 -- उत्तराखंड के पहाड़ इन दिनों एक खौफनाक स्थिति के मुहाने पर हैं। प्रदेश के जंगल गुलदारों के लिए छोटे पड़ने लगे हैं। एक शोध में खुलासा हुआ है कि जिन जंगलों में केवल 500 गुलदारों के रहने की जगह है, वहां अब 2,275 गुलदार हैं। जगह की इस कमी ने न केवल इंसानों के लिए खतरा पैदा किया है, बल्कि वन्यजीवों के बीच आपसी संघर्ष को भी चरम पर पहुंचा दिया है।बेघर गुलदार पहुंच रहे इंसानी बस्ती गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों द्वारा किए गए एक ताजा शोध के अनुसार, एक वयस्क गुलदार को अपने अस्तित्व और शिकार के लिए 30 से 50 वर्ग किलोमीटर दायरे की आवश्यकता होती है। उत्तराखंड का कुल वन क्षेत्र 24,686 वर्ग किमी है। इस गणित के हिसाब से राज्य के जंगल केवल 500 गुलदारों का भार सह सकते हैं। इसका सीधा अर्थ यह है कि 1,775 गुलदार ऐसे हैं जिनक...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.