नैनीताल, दिसम्बर 8 -- उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा 2013 और 2014 में 48 गैर-अनुसूचित जातियों को अनुसूचित जाति सूची में शामिल किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंदर और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने केंद्र और राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर चार हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी को निर्धारित की गई है। यह याचिका हरिद्वार निवासी एक महिला द्वारा जनहित याचिका के रूप में दायर की गई है। याचिका में तत्कालीन प्रमुख सचिव, समाज कल्याण द्वारा 2013-14 में जारी शासनादेश (जीओ) को असंवैधानिक बताते हुए रद्द करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि संविधान के अनुच्छेद 341 के अनुसार किसी भी जाति को अनुसूचि...
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