दरभंगा, फरवरी 10 -- दरभंगा। शहर के दिल्ली मोड़ स्थित राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र में केंद्र निदेशक डॉ. नचिकेत कोतवालीवाले की अध्यक्षता में सोमवार को मखाना से जुड़े अनुसंधान को नई दिशा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर की विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी का उद्देश्य मखाना उत्पादन, बीज गुणवत्ता, प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन एवं निर्यात से संबंधित प्राथमिक शोध क्षेत्रों की पहचान कर उन्हें संगठित अनुसंधान परियोजनाओं के रूप में आगे बढ़ाना था। निदेशक डॉ. नचिकेत कोतवालीवाले ने कहा कि मखाना केवल एक पारंपरिक फसल नहीं, बल्कि किसानों, उद्यमियों और निर्यात क्षेत्र के लिए उच्च संभावनाओं वाला कृषि उद्योग है। बीज से लेकर प्रसंस्करण और बाजार तक वैज्ञानिक मानकीकरण एवं प्रमाणीकरण आधारित अनुसंधान से ही इस क्षेत्र को स्थायी और प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है। प्रस...