नई दिल्ली, अक्टूबर 8 -- नई दिल्ली। उच्च शिक्षा में एआई और तकनीकी बदलावों की भूमिका पर चर्चा के लिए आयोजित 21वें फिक्की हायर एजुकेशन समिट में देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता और शिक्षा में कौशल विकास पर जोर दिया गया। समिट में शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने बदलती तकनीक के साथ उच्च शिक्षा को तैयार करने की जरूरत बताई। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर होना होगा। उन्होंने घरेलू जीपीयू और डेटा सेंटर विकसित करने पर जोर दिया, ताकि देश की विदेशी तकनीक और कंप्यूटिंग संसाधनों पर निर्भरता कम हो।समिट के उद्घाटन सत्र में फिक्की के महासचिव अनंत स्वरूप ने कहा कि उच्च शिक्षा के विस्तार और 50 फीसदी सकल नामांकन अनुपात के लक्ष्य को हास...