हापुड़, मार्च 27 -- चार दिवसीय चैत्र छठ महापर्व का गुरूवार को विश्राम विधि विधान एवं हर्षोल्लास के साथ किया गया। 36 घंटे निराहार निर्जल व्रत रखा गया और गुरूवार को जल में खड़े होकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर पति की लंबी आयु की प्रार्थना की। चैत्र शुक्लपक्ष में 22 मार्च से प्रारम्भ कर 25 मार्च दिन बुधवार तक पूरी श्रद्धा पूरी निष्ठा के साथ किया।चैत्र छठ महापर्व 22 मार्च को नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ। इस दिन महापर्व कर पूरे दिन में एक बार अरवा चावल, लौकी का सब्जी, चना का दाल प्रसाद में ग्रहण किया। 23 मार्च दिनभर निराहार व्रत रखा और शाम के समय अरवा चावल, गाय का दूध, गुड़ की खीर प्रसाद और रोटी का प्रसाद बनाकर भोग लगाकर शाम के समय ग्रहण किया है और परिवार तथा अपने इष्ट मित्रों में भी वितरण किया। 24 मार्च को निर्जला व्रत रखा और शाम के समय डूबते सू...