गया, जनवरी 28 -- पिछले दिनों घने कोहरे और ठंड की वजह से आमस में चना और मसूर के पौधे सूख रहे हैं। किसानों की शिकायत पर बुधवार को आमस कृषि विज्ञान केंद्र के पादप रोग वैज्ञानिक डॉ. पंकज तिवारी ने सूख रही फसलों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि चने की खड़ी फसल पर अगर उकठा रोग लगा हो तो पूरी फसल को बर्बाद कर सकता है। इस रोग के लगते ही पौधे सूखने लगते हैं। अगर पौधे पीलापन हो रहे हैं या काली संरचना दिखाई दे तो समझें पौधों को उकठा रोग लग चुका है। शुरुआत में ही फसलों को इससे बचाने के उपाय कर लेने चाहिए। फसलों को कैसे बचाएं उकठा रोग से बचाने के लिए बुआई से पहले ही बीजों में कार्बेंडाजिम और थीरम दवा की सवा-सवा ग्राम को दो-ढाई किलो बीज में मिलाकर उपचारित करें। यदि ऐसा नहीं किया है और फसल पर उकठा रोग लग गया है तो थायोफिनेट मिथाइल 70% डब्ल्यूपी (300 ग्र...