नई दिल्ली, जुलाई 10 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। पेट्रोल में बीस फीसदी इथेनॉल मिश्रण (ई-20) कार्यक्रम को आम उपभोक्ताओं की शिकायत के बीच सरकार ने स्वीकार किया है कि इथेनॉल मिश्रण से गाड़ियों के माइलेज पर असर पड़ता है। सरकार का कहना है कि ई-20 से कुछ गाड़ियों में फ्यूल इकॉनमी में तीन से पांच फीसदी तक की कमी आ सकती है। इसके साथ सरकार ने इन दावों का खारिज कर दिया है कि ई-20 से वाहन का इंजन या रबर पाइप खराब होता है। सरकार का तर्क है कि इन तरह के दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। कुछ लोग अपने फायदे के लिए लोगों के मन में डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत कम होने पर ई-20 का उत्पादन महंगा पड़ता है। पर्यावरण को बेहतर बनाने, आयात पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए...