देहरादून, जुलाई 15 -- देहरादून, वरिष्ठ संवाददाता। उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी ने कहा है कि ई-20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की भ्रामक जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं, जबकि यह ईंधन सरकार की दीर्घकालिक नीति का हिस्सा है और नए वाहनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।उन्होंने बताया कि ई-20 में 80 प्रतिशत पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथेनॉल होता है, जिससे देश की विदेशी तेल पर निर्भरता कम होगी और किसानों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। कहा कि एथेनॉल एक स्वच्छ ईंधन है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है। हालांकि कुछ लोगों ने ई-20 के प्रयोग के बाद गाड़ी माइलेज में कमी आने की शिकायत की है। यह भी पढ़ें- E20 ही नहीं, बाजार में ये 2 तरह के पेट्रोल भी मिल रहे; लेकिन आपकी गाड़ी के लिए कौन बेहतर? यहां समझें सरकार ने भी तीन से छह...