नई दिल्ली, जून 30 -- केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पेट्रोल में 20फीसदी एथेनॉल मिलाने का ई-20 अभी भी एक प्रायोगिक चरण में है इस नीति का असर अगले साल तक साफ हो जाएगा। केंद्र ने यह बात इस कार्यक्रम को लेकर चल रही व्यापक बहस और चिंताओं के बीच कही है कि कई लोगों को डर है कि एथेनॉल की मात्रा बढ़ाने से पुरानी गाड़ियां खराब हो सकती हैं और ईंधन की बचत भी कम हो सकती है। न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की याचिका पर नोटिस जारी किया। यह भी पढ़ें- एथेनॉल आवंटन मामले में हाईकोर्ट का निर्देश बरकरार हाईकोर्ट ने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिम...