लखनऊ, दिसम्बर 8 -- गाजीपुर पुलिस ने फर्जी तरीके के नोटरी तैयार करने के मामले में जेल भेजे गए वेंडरों के मामले तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि ई-स्टांप और मैनुअल स्टांप से बनी नोटरी और प्रपत्रों का जमीन और सरकारी दस्तावेज बनवाने में किया जाता था। पुलिस गिरोह का नेटवर्क खंगालने के साथ ही कहां कहां इन स्टांप का प्रयोग हुआ? उसका ब्योरा जुटा रही है। एसीपी अनिद्य विक्रम सिंह ने मामले की तफ्तीश के लिए दो टीमों का गठन किया है। उन्होंने बताया कि गिरोह के पास से तमाम ई और मैनुअल स्टांप मिले हैं। मैनुअल स्टांप वर्ष 2021 और 23 के हैं। इतने पुराने स्टांप कैसे रहे थे? इसकी जानकारी की जा रही है। इसके अलावा दुकान के आस पास लगे सीसी कैमरों की पड़ताल की जा रही है। दुकान पर कौन-कौन लोग आते थे? आरोपी सीतानाथ रथ निवासी बालेश्वर ...
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