ई-रिक्शा चलाकर परिवार चलाता था राकेश
बांदा, मई 27 -- अतर्रा। बिसंडा में डंपर की चपेट में आए ई-रिक्शा चालक 40 वर्षीय राकेश के पिता खत्म हो चुके हैं। राकेश पर बड़ी जिम्मेदारी थी। वह ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण पोषण करता था। राकेश के पास खेती नहीं थी। उसकी रिक्शे में उसकी सगी भाई ममता भी बैठी थीं जो आशा बहू की ड्यूटी करने आई थीं। उसे क्या पता था कि मौत इंतजार कर रही है और ममता भी देवर राकेश के साथ ई-रिक्शा में बैठ गई। हादसे में दोनों की जान चली गई। ममता के पति मुन्ना गांव में कपड़ा प्रेस करने की दुकान किए है। राकेश के दो बच्चे व उसकी मां का रोकर बुरा हाल है। यह भी पढ़ें- लौली हादसा: साउदी अरब से 15 दिन पहले आया था मुवीन वहीं ममता के दो बेटे और दो बेटियां हैं। बड़े बेटे की उसने तीन वर्ष पूर्व शादी की थी। अब बेटी की शादी की बात चल रही थी।
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