चंदौली, जून 21 -- चंदौली। संवाददातासदर कचहरी स्थित सिविल बार एसोसिएशन के बार सभागार में अध्यक्ष डॉ. वीरेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें सरकार की ओर से लागू किए गए ई-रजिस्ट्री अध्यादेश पर चर्चा की गई। वकीलों ने कहा कि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था से वादकारियों के हित प्रभावित होंगे। वहीं भ्रष्टाचार बढ़ने की आशंका है। आरोप लगाया कि खतौनी में अंश निर्धारण प्रक्रिया के दौरान कई स्थानों पर त्रुटियां हुई हैं। यदि इन्हीं अभिलेखों के आधार पर जमीन की खरीद-फरोख्त एवं नामांतरण होगा तो आम जनता को भविष्य में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कहा कि नई व्यवस्था से टाइपिस्ट, मुंशी, स्टांप विक्रेता और अन्य संबंधित लोगों के समक्ष बेरोजगारी का संकट भी खड़ा होगा। यह भी पढ़ें- अधिवक्ताओं के कल से काम पर लौटने की उम्मीद अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मत...