बस्ती, अक्टूबर 1 -- बस्ती, हिन्दुस्तान टीम। ग्रामीण अस्पतालों में ई-पंजीकरण महज दिखावा होकर रह गई है। दो साल पहले ई-पंजीकरण सुविधा पर एक करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट खर्च किया जा चुका है। सभी ब्लॉक स्तरीय अस्पतालों में दो-दो कम्प्यूटर व प्रिंटर दिए गए। ऑनलाइन पर्चा काटने के लिए शासन से लेकर जिले स्तर तक से काफी दबाव बनाया गया। आज हालत यह है कि कुछ जगहों पर तो पंजीकरण व्यवस्था ठप है, जबकि अन्य अस्पतालों में नाम मात्र के ऑनलाइन पर्चे काटे जा रहे हैं। ई-पंजीकरण को लेकर मरीजों व तीमारदारों को जागरूक भी नहीं किया जा रहा है। ओपीडी के पर्चा काउंटर व पैथॉलोजी जांच के बाद जारी रिपोर्ट को ऑनलाइन करने के लिए ई-पंजीकरण व्यवस्था सरकारी अस्पतालों में शुरू कराई गई। लगभग दो साल पर सभी ब्लॉक स्तरीय अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, टीबी अस्पताल व नगरीय पीएचसी ...