रांची, अप्रैल 5 -- रांची। जीईएल चर्च कलीसिया द्वारा ईस्टर का पर्व मनाया गया। सुबह तीन बजे पहली और 3:30 बजे दूसरी गिरजा घंटी बजी। इसके साथ ही प्रार्थना का सिलसिला शुरू हुआ। इसके पश्चात स्मरण पत्थर से कब्रिस्तान तक शोभायात्रा निकाली गई। धार्मिक विधि का संचालन रेव्ह. ए.जे. भेंगरा ने किया। मुख्य संदेश देते हुए बिशप सीमांत तिर्की ने कहा कि ईस्टर संडे वह दिन है, जब भविष्यवाणी पूरी हुई। यह हमारे विश्वास की सबसे बड़ी आशा और विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा, यह दिन हमें याद दिलाता है कि प्रभु यीशु मसीह ने मृत्यु पर विजय प्राप्त की। उनका पुनरुत्थान इस बात का प्रमाण है कि अंधकार और निराशा का अंत निश्चित है और परमेश्वर की शक्ति हर परिस्थिति में विजयी होती है। उन्होंने ईस्टर को जीवन के नए आरंभ का संदेश बताया।दूसरी आराधना यूथ सर्विस के रूप में क्राइस्ट ...