मेरठ, नवम्बर 10 -- मेरठ आर्य समाज साकेत में 57वां वार्षिकोत्सव एवं वेद प्रचार सप्ताह मनाया गया। स्वामी शरणानंद परिव्राजक ने वेद मत्रों की व्याख्या की। यजमान आभा अग्रवाल, राजीव अग्रवाल रहे। यज्ञ के बाद यजमानों को ऋषि दयानंद का चित्र एवं वैदिक साहित्य प्रदान किया गया। योगेश दत्त आर्य ने भजन सुनाए। समाज में फैली बुराइयों से बचने के लिए कहा। स्वामी शरणानन्द परिव्राजक ने कहा कि यजुर्वेद के 40 में अध्याय में बताया गया है कि ईश्वर ही इस संपूर्ण गतिमान जगत का गति देने वाला स्वामी है। लालच की भावना मत रखो समझो यह धन ईश्वर का है। ऐसा समझ कर 100 वर्ष तक कर्म करते हुए ही जीने की इच्छा करना। वेदों में बताया गया है कि हिंसा, असत्य बोलना, चोरी करना, व्यभिचार करना ये आत्मा का हनन करने वाले हैं । राजेश सेठी, बलराम चौधरी, धर्मपाल शास्त्री, गंगाराम, किशन ला...
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