मधेपुरा, अप्रैल 16 -- ग्वालपाड़ा, निज प्रतिनिधि।महर्षि मेंहीं की जन्मभूमि ग्राम मझुआ गांव में आयोजित संतमत सत्संग में प्रखर संत महर्षि योगानंद जी महाराज ने कहा कि ईश्वर भक्ति से मन को शांति मिलती है। मन पवित्र हो जाता है। मन की एकाग्रता बढ़ जाती है। ध्यान केंद्रित होता है। उन्होंने कहा कि मोह-माया के चक्कर में लोग भक्ति के मार्ग से विमुख हो जाते हैं। अंत समय में जब सारा शरीर कष्टों के बोझ से दब जाता है, तब ईश्वर की याद आती है। भक्ति के लिए जीवन के चौथेपन का इंतजार क्यों करना। मृत्यु कभी भी आ सकती है। इसलिए रोजमर्रा के व्यस्त जिंदगी में थोड़ा समय निकाल कर ईश्वर की भक्ति शुरू कर दें। संतों की वाणी को सुनें और मनन के बाद उस पर अमल करें। दो दिवसीय धार्मिक आयोजन मंगलवार की देर शाम संपन्न हो गया। सत्संग में शामिल होने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु ...
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