सहारनपुर, अप्रैल 3 -- श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मेले में आर्य समाज के शिविर में वैदिक यज्ञ के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस दौराना बताया गया कि ईश्वर का कोई आकार या मूर्ति नहीं है और वह न तो जन्म लेता है और न ही मरता है।शुक्रवार को श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मेले में आर्य समाज के शिविर में आयोजित कार्यक्रम में वैदिक विद्वानों ने भजनों के माध्यम से ईश्वर की महिमा का वर्णन किया। इस दौरान अमरेश आर्य व सुरेंद्र आर्य ने बताया कि ईश्वर सच्चिदानंद स्वरूप है, वह कभी जन्म नहीं लेता और न ही मरता है। उसका कोई निश्चित आकार या मूर्ति भी नहीं है। वह ब्राह्मांड का सृष्टिकर्ता है, जो वह कण-कण में व्याप्त है। भजनोपदेशकों ने बताया कि महान समाज सुधारक महर्षि दयानंद सरस्वती ने छुआछूत, जातिवाद, बाल विवाह और सती प्रथा जैसी सामाजिक बुराईयों का...