कन्नौज, जनवरी 19 -- छिबरामऊ, संवाददाता। नगर के मोहल्ला बजरिया स्थित चंद्रकांता पैलेस में कृपालु जी महाराज (प्रेम मंदिर, वृंदावन) की प्रचारिका सुश्री डॉ.हरीश्वरी देवी जी ने अपने प्रवचन में बताया कि विश्व का प्रत्येक जीव ईश्वर का अंश है और ईश्वर एवं आनंद दोनों पर्यायवाची शब्द हैं। उन्होंने कहा ईश्वर का ही दूसरा नाम आनंद है। हम आनंद के अंश हैं, इसलिए आनंद चाहते हैं। जो आनंद हम चाहते हैं, वह अनंत मात्रा का होता है, अनंत काल के लिए होता है। प्रतिक्षण वर्तमान होता है, नित्य नवायमान होता है। वह दिव्यानंद ऐसा होता है कि एक बार मिल जाने पर अनंत काल के लिए मिला रहता है। उसका कभी अभाव नहीं होता। उसके ऊपर दु:ख अनंतकाल तक अपना अधिकार नहीं कर सकता, लेकिन संसार में तो अनादिकाल से अब तक ऐसा सुख नहीं मिला। संसार में हमें जो सुख मिलता है, वह तो क्षणिक मन क...