गिरडीह, मार्च 8 -- झारखंडधाम, प्रतिनिधि। देवी प्राण प्रतिष्ठा के निमित भंडारो में आयोजित शतचंडी महायज्ञ के प्रवचन मंच से प्रख्यात संगीतमय कथावाचक आचार्य कन्हैयालाल द्विवेदी ने शुक्रवार शाम कहा कि समस्त प्राणी ईश्वर की संतान हैं, इसलिए सभी दया और करुणा के पात्र हैं। आयोजित प्रवचन में उन्होंने कहा कि ईश्वर अंश जीव अविनाशी की भावना को आत्मसात कर प्रत्येक व्यक्ति को सभी जीवों के प्रति प्रेम और संरक्षण का भाव रखना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे बीमार व्यक्ति को भोजन में स्वाद नहीं आता, उसी प्रकार यदि मनुष्य का प्रारब्ध अनुकूल नहीं होता तो उसका मन धार्मिक कार्यों में नहीं लगता। इसलिए जीवन में सद्कर्म और धर्म के मार्ग पर चलना अत्यंत आवश्यक है। आचार्य द्विवेदी ने कहा कि इतिहास और धर्मग्रंथों में अनेक महापुरुषों ने धर्म की महत्ता को स...