एटा, जून 16 -- शहर के नजदीक से होकर बह रही बरसाती ईशन नदी इस समय बदहाली के आंसू रो रही है। नदी का स्वरूप किसी जलधारा जैसा नहीं, बल्कि एक सूखे मैदान और दलदल जैसा नजर आ रहा है। पूरी नदी में इस समय जलकुंभी और मिट्टी के टापूओं की भरमार बनी हुई है, जिसने पानी की सतह को पूरी तरह ढक लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि जलकुंभी के साथ-साथ नदी के बीचों-बीच जगह-जगह मिट्टी के टापू बन गए हैं। इस वजह से नदी की जल निकासी क्षमता लगभग शून्य हो चुकी है। यदि समय रहते नदी की सफाई नहीं की गई, तो आगामी बारिश के सीजन में नदी से लगे शहर के कई मोहल्लों और निचले इलाकों और आस-पास के दर्जनों गांवों में एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात पैदा होना तय है। मंगलवार हिन्दुस्तान की टीम द्वारा की गई पड़ताल के दौरान को स्थानीय निवासी रामवीर सिंह, अनोखे लाल, रामलाल आदि लोगों ने बताया...