इटावा औरैया, मई 24 -- महेवा। क्षेत्र के ग्राम बम्होरा में चल रही सप्तदिवसीय भागवत कथा के चतुर्थ दिवस में आचार्य राहुल त्रिपाठी ने कहा कि अहंकार, गर्व, घृणा और ईर्ष्या से मुक्त होने पर ही मनुष्य को ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। यह भी पढ़ें- श्रीमद्भागवत महापुराण कथा श्रवण से राजा परीक्षित को मिला मोक्षप्रह्लाद का चरित्र कथा में प्रहलाद चरित्र पुत्र एवं पिता के संबंध को प्रदर्शित करता है और बताता है कि यदि भक्त सच्चा हो तो विपरीत परिस्थितियां भी उसे भगवान की भक्ति से विमुख नहीं सकता। प्रह्लाद द्वारा अपने पुत्र होने का दायित्व भी निभाया गया। उन्होंने कहा कि पुत्र का यह सर्वोपरि दायित्व है कि यदि उसका पिता कुमार्गगामी और दुष्ट प्रवृत्ति का हो तो उसे भी सुमार्ग पर लाने के लिए सदैव प्रयास करने चाहिए। प्रह्लाद ने बिना भय के हिरण्यकश्यप के यहां ...