नई दिल्ली, जून 30 -- ईरान युद्ध से देश में उपजे पेट्रोल-डीजल और गैस की किल्लत से बचने के लिए मोदी सरकार एक मास्टर प्लान पर काम कर रही है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार अब कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी की स्ट्रेटजिक रिजर्व क्षमता बनाने की योजना पर काम कर रही है। यह इतनी बड़ी होगी कि देश की एक महीने की घरेलू मांग को पूरा कर सके। इस कदम का मकसद फारस की खाड़ी में युद्ध जैसी स्थितियों से पैदा होने वाली सप्लाई संकट से बचना है। रिपोर्ट के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्रालय ने इसके लिए एक समिति गठित की है, जो संभावित स्थानों, ऑपरेटिंग मॉडलों और ओवर ग्राउंड और अंडर ग्राउंड स्टोरेज के बीच विभाजन जैसे डिटेल्स की स्टडी करेगी। यह जानकारी मामले से परिचित लोगों ने दी है, हालांकि चर्चा सार्वजनिक नहीं होने के कारण उन्होंने नाम न छापने की शर्त रखी ह...