नई दिल्ली, अप्रैल 10 -- अमेरिका और ईरान का युद्ध शुरू होने के बाद से ही पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय प्लैटफॉर्म पर खुद को हाइलाइट करने में जुट गया। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने का प्रस्ताव पेश कर दिया। वहीं अन्य कई मुस्लि देश जैसे कि तुर्की, एजिप्ट और सऊदी अरब भी उसेक साथ हो लिए। अब सवाल है कि क्या पाकिस्तान ईरान और अमेरिकी का मध्यस्थता करने के बहाने एक नया संगठन बनाने की कोशिश कर रहा है और इसका भारत पर क्या प्रभाव पड़ सकता है? अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को उच्च-स्तरीय वार्ता की मेजबानी करने जा रहे पाकिस्तान ने राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। हालांकि, शीर्ष ईरानी नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि लेबनान पर किए गए इजराइली हमले वार्ता को निरर्थक बना सकते हैं। अमेरिका और ईरान बुधवार को दो हफ्ते के लिए स...