नई दिल्ली, अप्रैल 1 -- मिडिल ईस्ट में जारी संकट की वजह से समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट की तारों को खतरा पैदा हो गया है। भारत का ज्यादातर इंटरनेट डाटा इन्हीं तारों के जरिए आता-जाता है। यदि ये तारें टूटती हैं तो इंटरनेट पूरी तरह बंद तो नहीं होगा, पर कंपनियों को डाटा भेजने के लिए दूसरे लंबे रास्तों का सहारा लेना पड़ेगा। भारत का लगभग 60% इंटरनेट ट्रैफिक मुंबई के रास्ते यूरोप जाता है। यह रास्ता लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे तनावपूर्ण क्षेत्रों से होकर गुजरता है। शेष 40% ट्रैफिक चेन्नई के रास्ते सिंगापुर और प्रशांत महासागर की ओर जाता है। फिलहाल लैंडिंग स्टेशनों पर भारत में अभी 17 अंतरराष्ट्रीय केबल काम कर रहीं।क्या इंटरनेट पूरी तरह बंद होगा? विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेट के पूरी तरह ठप होने की संभावना कम है। इंटरनेट का ढांचा सड़कों के ज...