गौरीगंज, मार्च 2 -- मुसाफिरखाना। ईरान पर अमेरिका व इजरायल के हमले के बाद से ही ईरान में रह रहे भनौली गांव के बच्चों के परिजन चिंतित हैं। परिजन बच्चों से संपर्क की हर जुगत लगा रहे हैं, लेकिन फोन व इंटरनेट सेवाएं बंद होने से उनका संपर्क बच्चों से नहीं हो पा रहा है। हालांकि कुछ परिवारों को मैसेज या फोन के जरिए बच्चों के सकुशल होने की जानकारी होने से राहत मिली है। लेकिन सभी परिवार बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभी भी चिंतित हैं। गौरतलब है कि कस्बा मुसाफिरखाना से सटे भनौली गांव में शिया मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं। इस गांव के बच्चे पढ़ाई के लिए ईरान का रुख करते रहे हैं। इस समय भनौली गांव के कुल 9 लोग ईरान में रह रहे हैं। जिनमें 2 बच्चे और 3 महिलाएं भी शामिल हैं। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए इस गांव के कुमैल उर्फ जव्वाद हुसैन पुत्र स्वर्गीय इ...