नई दिल्ली, अप्रैल 22 -- विवेक काटजू,पूर्व राजनयिक अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की राजनयिक बातचीत पर अनिश्चितता बरकरार है। ईरान अदन की खाड़ी से नौसैन्य नाकेबंदी हटाने की मांग अमेरिका से कर रहा है, लेकिन वाशिंगटन इसके लिए राजी नहीं है। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान से माकूल प्रस्ताव मिलने तक युद्ध-विराम जारी रखने का एलान किया है, जिसका अर्थ है कि इस बार संघर्ष-विराम की कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है। उधर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी नाकेबंदी को युद्ध जैसी कार्रवाई कहा है। वहां की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ के सलाहकार इसे बमबारी से कम नहीं मानते। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड भी इस घेरेबंदी से नाराज हैं। इन सबके बावजूद ईरान का एक तबका अमेरिका से युद्ध को फिर से शुरू नहीं करना चाहता। जाहिर है, खाड़ी ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.