नई दिल्ली, फरवरी 25 -- अश्विनी महापात्रा,प्रोफेसर, जेएनयू ईरान में क्या युद्ध का नया मोर्चा खुलने जा रहा है? हालिया घटनाक्रम और राष्ट्र के नाम दिए गए राष्ट्रपति ट्रंप के संबोधन से कुछ ऐसा ही आभास हो रहा है। बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे लंबा 'स्टेट ऑफ द यूनियन' भाषण दिया और देश-दुनिया को यह बताने की कोशिश की कि ईरान पर हमला संभावित है। उनके मुताबिक, खामेनेई की हुकूमत आतंकवाद का पोषण कर रही है और उसके पास परमाणु हथियार विकसित करने की क्षमता भी है। हालांकि, आज (26 फरवरी) जिनेवा में अमेरिकी और ईरानी कूटनीतिज्ञ तीसरी बार वार्ता की मेज पर बैठने वाले हैं और तेहरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी यह भरोसा दे रहे हैं कि कूटनीति को तवज्जो मिले, तो अमेरिका से एक अभूतपूर्व समझौता हो सकता है, मगर पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल ही घनीभूत...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.