नई दिल्ली, अप्रैल 2 -- भारत में ईरान का दूतावास पिछले कई दिनों से युद्ध राहत के लिए चंदा इकट्ठा कर रहा है। लेकिन अब इसमें एक पेंच फंसता नजर आ रहा है। दरअसल ईरानी दूतावास ने जो पैसा इकट्ठा किया है उसे वह सीधे ईरान ट्रांसफर नहीं कर सकता है। अब इस चंदे के पैसे का इस्तेमाल ईरान स्थानीय स्तर पर यानी भारत में ही दवाएं खरीदने के लिए करेगा। इसका मुख्य कारण यह है कि नियमित राजनयिक प्रक्रियाओं के माध्यम से इस पैसे को तेहरान ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है।चंदा इकट्ठा करने की प्रक्रिया में हुए बदलाव शुरुआत में ईरानी दूतावास ने 14 मार्च को अपने मुख्य बैंक खाते के जरिए चंदा मांगा था। बाद में नियमों के अनुसार, इस उद्देश्य के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में एक अलग खाता खोला गया। विदेशी मिशनों को नकद या अनौपचारिक माध्यमों से चंदा लेने की अनुमति नहीं है।...