फरीदाबाद, जून 11 -- फरीदाबाद, केशव भारद्वाज। पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति ने भारतीय उद्योग जगत की चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरे और तेल कीमतों में संभावित उछाल को देखते हुए उद्योगपति वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था तैयार करने में जुट गए हैं। उनका मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है तो उत्पादन लागत बढ़ने के साथ-साथ महंगाई पर भी असर पड़ सकता है। उद्योग जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि आठ जून के बाद से क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों पर खतरा बढ़ा है और भारतीय जहाजों पर भी हमलों की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। इसके चलते आयात-निर्यात प्रभावित होने की आशंका है। कच्चे माल की आपूर्ति में देरी होने और परिवहन लागत बढ़ने से उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता ह...