ईद वाले दिन मौत के मुंह से लौट आया अब्दुल, सऊदी जेल में काटे 20 साल; मां से लिपटकर खूब रोए
कोझिकोड, मई 28 -- 20 साल का लंबा इंतजार, आंसुओं से भीगी आंखें और एक मां की कभी न टूटने वाली आस... यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि केरल के कोझिकोड के रहने वाले अब्दुल रहीम की हकीकत है। मौत की सजा और 34 करोड़ रुपये की 'ब्लड मनी' चुकाने के बाद, रहीम आखिरकार सऊदी अरब की जेल से अपने वतन भारत लौट आए हैं। यह खबर हर उस भारतीय और प्रवासी के लिए एक मिसाल है, जो यह विश्वास करते हैं कि अगर पूरा देश और समुदाय एक साथ आ जाए, तो मौत के मुंह से भी अपनों को वापस लाया जा सकता है।मौत की दहलीज से घर तक का सफर 6 भाई-बहनों में सबसे छोटे अब्दुल रहीम केरल में अपने परिवार का पेट पालने के लिए ऑटो-रिक्शा और स्कूल बस चलाते थे। वह साल 2006 में अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए ऑटो और स्कूल बस चलाने का काम छोड़कर सऊदी अरब गए। वहां उन्हें एक 15 वर्षीय दिव्यांग लड़के क...
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