लखनऊ, मार्च 20 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाताईद की रौनक बढ़ गई। पुराने शहर की गलियां और बाजार गुलजार हो गए। कहीं सेवइयों की खुशबू है, कहीं नए कपड़ों की सिलाई चल रही है, तो कहीं बच्चों की जिद और बुजुर्गों की दुआएं। लेकिन इस बार कई घरों की खुशियों में एक अधूरापन भी है। शहर के बहुत से लोग जो कामकाज या पर्यटन के लिए खाड़ी देश गए थे, विमान न मिल पाने के कारण ईद पर घर नहीं लौट पाए।खाड़ी देशों में नौकरी या रोज़गार के सिलसिले में गए अपने लोग, जो हर साल ईद पर घर लौट आते थे, इस बार हवाई टिकटों की कमी और सीट न मिलने की वजह से अपनों तक नहीं पहुंच सके। विदेश में वे अकेले ईद मनाने को मजबूर हैं, तो इधर घर की दहलीज पर उनकी राह देखती आंखें नम हैं। लखनऊ के चौक में रहने वाले रफीक (बदला हुआ नाम) दुबई के एक प्रतिष्ठित बैंक में बड़े पद पर हैं। हर साल ईद पर घर जरूर ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.