बेगुसराय, मार्च 20 -- खोदावंदपुर, निज प्रतिनिधि। रमज़ानुलमुबारक के पूरे महीने के रोज़े के बाद खुदा की तरफ से रोज़ेदारों के लिए ईद-उल-फित्र एक सौगात है। ईद के दिन रोज़ेदारों पर खुदा खास मेहरबान होते हैं। ईद की खुशी रोज़ेदारों के लिए एक इनाम है। यह बात नुरूल्लाहपुर जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद मुजम्मिल साहब ने रमज़ानुलमुबारक के पूर्ण होने के मौके पर अपनी नूरानी तकरीर के दौरान कही। उन्होंने बताया कि हदीसों में आया है कि ईद की सुबह अल्लाह जल्लेशानहू फरिश्तों को दुनिया में भेज कर मुनादी करवाते हैं कि 'ऐ उम्मते रसूल मुहम्मदी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उस करीम रब की दरबार की तरफ चलो, जो बहुत अता करने वाला है, बड़े से बड़े गुनाहों को माफ करने वाला है और मगफेरत देने वाला है।' जब रोज़ेदार नमाजी ईदगाह की ओर निकलते हैं, तो अल्लाह फरिश्ते से पूछते है...