बलरामपुर, मार्च 6 -- गैड़ास बुजुर्ग। माहे रमज़ान जहां खुदा की रहमतों और बरकतों का महीना माना जाता है, वहीं यह कई लोगों के लिए रोज़गार का भी जरिया बन गया है। रमज़ान शुरू होते ही सहरी-इफ्तार और ईद की तैयारियों से बाजारों में रौनक बढ़ गई है। चौक-चौराहों, गली-मोहल्लों और मुख्य बाजारों में अस्थायी दुकानें सज गई हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। रमज़ान के दौरान कई ऐसे मौसमी दुकानदार भी बाजार में दिखाई देते हैं, जो केवल इसी महीने अस्थायी दुकान लगाकर अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। कोई समोसा-पकौड़ी, गुलगुला और पापड़ बेच रहा है तो कोई चना-मटर, ब्रेड पकौड़ा, दही बड़ा, नमकीन और खजूर की दुकान लगाए हुए है। नगर बाजार में अफजाल, छोटे, नजीउल्लाह, जाकिर, बबलू और अब्दुल हमीद समेत कई दुकानदारों ने रमज़ान को ध्यान में रखते हुए इफ्तारी...