संतकबीरनगर, मार्च 19 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। ईद-उल-फित्र का त्योहार सिर्फ मुसलमानों की खुशियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपसी भाईचारे, मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम देने वाला पर्व है। इस मौके पर उलेमाओं ने लोगों से अपील की है कि ईद की खुशियों में अपने गैर मुस्लिम दोस्तों व पड़ोसियों को भी शामिल करें, ताकि समाज में सौहार्द व आपसी प्रेम और मजबूत हो सके।माह-ए-रमजान का 28 रोजा पूर्ण हो गया। यदि 19 मार्च को चांद का दीदार हआ तो ईद-उल-फित्र शुक्रवार को मनाई जाएगी। चांद का दीदार नही हुआ तों 21 मार्च शनिवार को मनाया जाएगा। ईद-उल-फित्र के मौके पर उलेमाओं का कहना है कि इस्लाम इंसानियत, भाईचारे व एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटने की शिक्षा देता है। ईद के दिन लोग एक-दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद दें। सेवइयां व मिठाइयां खिलाकर रिश्तों को और मजबूत बन...