नई दिल्ली, अप्रैल 3 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि शिक्षा का अधिकार अधिनिमय शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करता है, लेकिन यह किसी छात्र को किसी खास स्कूल में दाखिले पर जोर देने का अधिकार नहीं देता। मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय एवं न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने ये टिप्पणियां एक मां की याचिका को खारिज करते हुए कीं, जिसमें कम आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस) श्रेणी के तहत एक खास निजी स्कूल में अपने बच्चे के दाखिले की मांग की गई थी। पीठ ने पहले के फैसले को बरकरार रखा। पीठ ने कहा कि एकल पीठ के निर्णय में दखल देने का कोई आधार नहीं है। पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा के अधिकार का मकसद सामाजिक समावेश व शिक्षा में समान अवसर को बढ़ावा देना है। हालांकि, इस अधिकार का यह मतलब नहीं निकाला ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.