बागेश्वर, मार्च 28 -- प्राकृतिक संपदा और समृद्ध पक्षी विविधता अब जनपद के युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया माध्यम बन रही है। इसी दिशा में जौलकांडे गांव में दो दिवसीय एडवांस बर्ड वॉचिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके माध्यम से क्षेत्र को इको-टूरिज्म के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि स्थानीय प्रतिभा को उचित प्रशिक्षण तथा मार्गदर्शन मिले, तो वह अपनी प्राकृतिक विरासत के माध्यम से न केवल स्वयं को आर्थिक रूप से सशक्त बना सकते हैं, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास में भी सक्रिय भागीदारी निभा सकते हैं। उत्तराखंड की पक्षी विविधता में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने की अपार संभावनाएं निहित हैं। जिला पर्यटन विकास अधिकारी पीके गौतम ने कहा कि ...