पीलीभीत, मई 12 -- पीलीभीत। बरेली सितारगंज हाईवे निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में गड़बड़ी के लगे आरोपों के मामले में ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) लखनऊ की टीम ने आकर यहां जांच की। बारी बारी से टीम ने यहां जमीन अधिग्रहण मुआवजा प्रक्रिया आदि के दस्तावेजों का सत्यापन किया। साथ ही एसएलओ से कुछ बिंदुओं पर जानकारियां लेकर टीम लौट गई। बरेली सितारगंज फोर लेन प्रोजेक्ट दो वर्षों में अभी आधा भी नहीं बन पाया है। इसके पीछे वजह यह है कि शुरूआती दिनों में जब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही थी तब इसमें घपलेबाजी की बातें सामने आई। कई स्तर पर इसमें जांच हुई थी। कुल 70.845 किमी. लंबे इस मार्ग चौड़ीकरण को दो पैकेज में कराया जा रहा है। इसमें जमीन अधिग्रहण के दौरान मुआवजा आदि को लेकर जो तथ्य निकल कर सामने आए थे। उनमें बीते दिनों पीडी समेत चार एस...