नई दिल्ली, मार्च 10 -- ईरान और अमेरिका-इजरायल जंग को लेकर जो अंदेशे जताए जा रहे थे, वे अब सच होने लगे हैं। देश में एलपीजी सिलेंडरों के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी को अगर सीधे-सीधे इस युद्ध से जुड़ा हुआ फैसला न भी मानें, जैसा कि सरकार दावा कर रही है, तब भी इस तथ्य को नकारा नहीं जा सकता कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत प्रति बैरल 100 डॉलर के ऊपर चली गई है। पिछले चार वर्षों में पहली बार कीमत इतनी बढ़ी है। जाहिर है, आपूर्ति शृंखला के बाधित होने से एक के बाद दूसरे तेल उत्पादक देशों ने दैनिक उत्पादन घटाना शुरू कर दिया है, जिससे दुनिया भर में ईंधन संकट गहराने लगा है। चिंता की बड़ी बात यह है कि जंग के जल्द खत्म होने की कोई सूरत नजर नहीं आ रही, उल्टे ईरानी फौज ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के गुजरने देने को लेकर जैसी शर्त रखी है, वह ...
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