लखनऊ, फरवरी 15 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की 'समानांतर मूल्यांकन' की योजना इस बार परवान नहीं चढ़ सकेगी। कारण शासन ने इसके लिए अनुमति नहीं दी है। दूसरी तरफ इसके लिए तकनीकी व प्रशासनिक तैयारियां भी पुख्ता नहीं हो सकी है। ऐसे में इस साल से इस पायलट प्रोजेक्ट के परवान चढ़ने की संभावना लगभग समाप्त हो चुकी है। बोर्ड ने इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनाने के लिए आनलाइन मूल्यांकन का पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया था। बताया जाता है कि अब इसे अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। यूपी बोर्ड के सूत्रों का भी कहना है कि इस साल पारंपरिक तरीके से ही समयबद्ध मूल्यांकन कराया जाएगा, ताकि परिणाम समय पर जारी किए जा सकें। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होंगी। इस वर्ष 53 लाख से...
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