नवादा, जनवरी 7 -- नवादा। हिन्दुस्तान संवाददाता दक्षिण बिहार और उत्तरी झारखंड को सीधे रेल मार्ग से जोड़ने का सपना अब साकार होने के बेहद करीब है। पिछले एक दशक से निर्माणाधीन तिलैया-कोडरमा रेल परियोजना के वर्ष 2026 में पूरी तरह से चालू होने की उम्मीद है। लगभग 65 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन का काम अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है, जो न केवल यात्रियों के लिए सफर आसान बनाएगी, बल्कि इस क्षेत्र की आर्थिक और औद्योगिक तस्वीर भी बदल देगी। यह परियोजना इंजीनियरिंग के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण रही है। पहाड़ी रास्ता और घना जंगल होने के कारण इसमें आधुनिक सुरंगों का निर्माण किया गया है। साथ ही, हाथियों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का भी ध्यान रखा गया है। सरकार ने इस परियोजना के लिए हालिया बजट में भारी आवंटन किया है, जो...