नई दिल्ली, मार्च 7 -- फिल्म देखना आज जितना नॉर्मल लगता है यह इतनी सामान्य खोज नहीं थी। फिल्म अपने आप में एक ऐसी इनवेन्शन थी जिसने दुनिया के मनोरंजन के तरीके को ही बदल दिया। सदियों से जो कहानियां हम सुनते आ रहे थे, अब हम उन्हें अपनी आंखों से देख भी सकते थे। फिल्म दुनिया के सबसे कमाल की खोजों में से एक थी। लेकिन कैसा लगेगा अगर कोई आपसे कहे कि जिस सिनेमा को आज हम एन्जॉय करते हैं, उसकी परिकल्पना 3226 साल पहले ही कर ली गई थी। यूनानी दार्शनिक और वैज्ञानिक अरस्तू ने हजारों साल पहले यह समझ लिया था कि भविष्य में फिल्म और सिनेमा जैसी चीज बनाना संभव हो जाएगा।हजारों साल पहले खोजा गया था यह सिद्धांत 'सैक्रेड गेम्स' जैसी सुपरहिट वेब सीरीज और 'मोह मोह के धागे' जैसे एवरग्रीन गाने लिख चुके लेखक वरुण ग्रोवर में इस बारे में बताते हुए कहा- आज हम जो कुछ भी अप...
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