रुडकी, मार्च 1 -- लक्सर, संवाददाता। इस वर्ष होली का पर्व लगभग 500 वर्ष बाद बनने वाले विशेष राजयोगों के साथ मनाया जाएगा। मालव्य महापुरुष राजयोग और शुक्रादित्य राजयोग के प्रभाव में 2 मार्च को होली पूजन होगा, जबकि 3 मार्च को चंद्रग्रहण पड़ने के कारण सुबह से ही सूतक लग जाएगा। इसी कारण होलिका दहन और रंगोत्सव 4 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त में आयोजित किए जाने की संभावना है।

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