हल्द्वानी, मई 23 -- हल्द्वानी। उमस बढ़ने के साथ इस बार तराई से पहाड़ी इलाकों तक मक्के की फसल पर फॉल आर्मीवर्म नामक कीट का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में शहर से सटे दोगांव में भुट्टा खाने वाले शौकीनों के अरमानों में पानी फिरने की आशंका है। केवीके ज्योलीकोट की वरिष्ठ वैज्ञानिक दीपाली तिवारी पांडे और कंचन नैनवाल का कहना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो मक्का की फसल पर बड़ा असर पड़ सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि फॉल आर्मीवर्म की सूंडी मक्के की कोमल पत्तियों को तेजी से चट कर जाती है। कुछ ही दिनों में यह कीट पौधे के गाभे और भुट्टे तक पहुंच जाता है। ऐसे में दानों का विकास रुक जाता है और उत्पादन घटने लगता है। यह बीमारी है पिछले वर्षों में देश के कई राज्यों में मक्के की खेती को भारी नुकसान पहुंचा चुकी है। अब इसका असर उत्तरा...