नई दिल्ली, फरवरी 6 -- हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का खास महत्व होता है। यह हर महीने दोनों पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। लेकिन जब यह व्रत शनिवार को आता है, तो इसे शनि प्रदोष कहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित होता है। ऐसे में इस दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत का महत्व और भी बढ़ जाता है। ऐसे में इस दिन कुछ उपाय करने से भगवान शिव और शनि देव की कृपा प्राप्त की जा सकती है। चलिए जानते हैं कि शनि प्रदोष व्रत कब है और इस दिन क्या उपाय करें। शनि प्रदोष व्रत 2026 डेटवैदिक पंचांग के मुताबिक फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 14 फरवरी 2026 को शाम 4 बजकर 2 मिनट पर होगी। साथ ही इस तिथि समापन 15 फरवरी 2026 को शाम 5 बजकर 3 मिनट पर होगा। ऐसे ...