लातेहार, मार्च 2 -- लातेहार,प्रतिनिधि। शहर के गायत्री नगर स्थित इस्‍कॉन मंदिर में गौर पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया गया। मौके पर मधुसूदन मुकुंद प्रभु (एमबीए, आइआईटी, कानपुर) ने कहा कि यह पर्व भगवान चैतन्‍य प्रभा प्रभु के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्‍होने बताया कि प्रभु चैतन्‍य भगवान कृष्ण के स्वर्ण रंग के ऋषि के अवतार के रूप में जाना जाता हैं। गौर पूर्णिमा केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और संकीर्तन की भावना को आत्मसात करने का पावन अवसर है। उन्होंने बताया कि भगवान चैतन्य महाप्रभु ने हरिनाम संकीर्तन के माध्यम से प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश दिया था। उन्‍होंने अपने जीवन में नियमित रूप से हरिनाम जप और सत्संग को अपनाने की अपील की और कहा क‍ि इससे समाज में नैतिकता और सद्भावना का प्रसार होगी। मधुसूदन मुकुंद प्रभु ने आग...