नई दिल्ली, जुलाई 27 -- कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के पेपर लीक के खिलाफ 36 दिनों के विरोध प्रदर्शन के बाद शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सोमवार को वह पहली बार संसद भवन पहुंचे। संसद भवन के गेट पर ही बीजेपी और एनडीए के अन्य सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया। उन्होंने 'धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद' के नारे लगे और फिर पाग पहनाकर सदन के अंदर ले गए। विपक्ष एक तरफ प्रधान के इस्तीफे को सरकार की हार के रूप में पेश कर रहा है तो वहीं सरकार इसे अपनी संवेदनशीलता और जनता की आवाज सुनने की मिसाल बता रही है। दोनों ही इसे भुनाने में लग गए हैं। कांग्रेस की मांग थी कि सदन में पेपर लीक को लेकर चर्चा तब तक नहीं होगी जब तक कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे। शनिवार को उनके इस्तीफे के बाद विपक्ष ने भी अपनी रणनीति...