जमशेदपुर, सितम्बर 26 -- हाइड्रोजन ईंधन का इस्तेमाल स्टील निर्माण में फिलहाल संभव नहीं है, क्योंकि यह काफी अधिक महंगा है। हाइड्रोजन इस्तेमाल करने के लिए हमें कुछ अविष्कार करने होंगे। जैसे जो स्पंज आयरन प्लांट हैं, वे होरिजेंटल टाइप के हैं। उन्हें हमें वर्टिकल बनाना होगा। परंतु इसमें खर्च काफी अधिक है। हमें ऐसा अविष्कार करना होगा, जिसमें स्पंज आयरन प्लांट होरिजेंटल रहते हुए भी हाइड्रोजन ईंधन से किफायती उत्पादन हो। ऐसा संभव है। सिर्फ उद्योगों और वैज्ञानिकों को इस इनोवेशन को साकार करना होगा। यह कहना है जाने-माने वैज्ञानिक और योजना आयोग के पूर्व सदस्य बीके सारस्वत का। वे गुरुवार को बेल्डीह क्लब में टाटा स्टील की ओर से आयोजित दो दिवसीय सर्कोन 2026-सर्कुलैरिटी कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन के बाद वहीं पर संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। यह भी पढ़ें- औद्...